जब कूरान पर पाबंदी लगी- France or China May be cause of corona virus
जब कूरान पर पाबंदी लगी 1973 में रूस में कम्युनिज़्म का तूती बोलती थी बल्कि दुनिया तो यह कह रही थी कि बस अब पूरा एशिया सुर्ख(लाल) हो जाएगा, उन दिनों एक शख्स (मुसन्निफ़) मास्को ट्रेनिंग के लिए गए थे, वह कहते हैं कि जुमा के दिन मैंने दोस्तों से कहा कि चलो जुमा अदा करने की तैयारी करते हैं, तो उन्होंने कहा कि यहां मस्जिदों को गोदाम बना दिया गया है सिर्फ दो ही मस्जिद इस शहर में बचें है जो कभी बन्द कभी खुले होते है। मैंने कहा: आप मुझे मसाजिद का पता बता दें, मैं वहीं चला जाऊंगा। पता लेकर जब मस्जिद पहुंचा तो मस्जिद बन्द थी, मस्जिद के पड़ोस में ही एक बन्दे के पास चाभी थी, मैंने उसे खोलने को कहा तो उसने कहा दरवाज़ा तो मैं खोल दुंगा लेकिन अगर आपको कोई नुक़सान पहुंचा तो मैं ज़िम्मेदार नहीं होऊंगा। मैंने कहा देखिए जनाब मैं अपने मुल्क में भी मुसलमान था और रूस के मास्को में भी मुसलमान हुं, वहां भी नमाज़ पढ़ता था और रूस के मास्को में भी नमाज़ अदा करूंगा चाहे कुछ भी हो जाए। उसने मस्जिद का दरवाजा खोला और मैंने जल्दी से सफ़ाई की और बुलन्द आवाज से अज़ान दीं।----- अज़ान की आवाज़ सुनकर बुढ़े, बच्...